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Rajasthan Sujas March 2012

Rajasthan Sujas March 2012

सुजस मार्च, 2012

चम्‍बल नदी

  • चर्मावती या चर्णवती है।
  • यह नदी मध्‍य प्रदेश के मऊ के दक्षिण में मानपुर के समीप जनापाव पहाड़ी (616 मीटर ऊचीं) के विन्‍ध्‍यन कगारों के उत्‍तरी पार्श्‍व से निकलती है।
  • चौरासीगढ़ के समीप राज्‍स्‍थान में प्रवेश करती है।
  • भैंसरोड़गढ़ के पास प्रख्‍यात चूलिय प्रपात है।
  • कोटा, बून्‍दी, सवाईमाधोपुर व धौलपुर जिलों में बहती हुई उत्‍तरप्रदेश के इटावा जिले के मुरादगंज में यमुना में मिल जाती है। यह राजस्‍थान की एक मात्र ऐसी नदी है जो सालभर बहती है। इस नदी पर गांधी सागर, राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर और कोटा बैराज बांध बने हैं।
  • काली सिन्‍ध, पार्वती, बनास, कुराई तथा बामनी है।
  • इस नदी की कुल लम्‍बाई 965 किलोमीटर है। यह राजस्‍थान में कुल 376 किलोमीटर तक बहती है।

 

बनास नदी

  • बनास एक मात्र ऐसी नदी है जो सम्‍पूर्ण चक्र राजस्‍थान में ही पुरा करती है।
  • उदयपुर जिले की अरावली पर्वत श्रेणियों में कुम्‍भलगढ़ के पास खमनौर की पहाडि़यों से निकलती है।
  • नाथद्वारा कांकरोली, राजसमंद और भीलवाड़ा जिले में बहती  हुई टोंक, सवाईमाधोपुर के पश्‍चात् रामेश्‍वर के नजदीक (सवाईमाधोपुर) चम्‍बल में गिर जाती है।  इसकी लम्‍बाई 480 किलोमीटर है। इसकी सहायक नदियों में बेड़च, कोठरी, मांसी, खारी, मुरेल व धुन्‍ध है।

 

माही नदी

  • यह दक्षिण राजस्‍थान मुख्‍यत: बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिले की मुख्‍य नदी है।
  • मध्‍यप्रदेश के धार जिले में विंध्‍यांचल पर्वत के अममाऊ से निकलाती है।
  • बांसवाड़ा के निकट दक्षिणी राजस्‍थान में प्रवेश करती है।
  • बांसवाड़ा और डूंगरपुर में बहती हुई यह नदी गुजरात में प्रवेश करती है।
  • कुल लम्‍बाई 576 किलोमीटर है।
  • खम्‍भात की खाड़ी में गिर जाती है।
  • सोम, जाखम, अनास, चाप और मोरन है।
  • बांसवाड़ा जिले में माही बजाज सागर बांध बनाया गया है।

 

घग्घर नदी

  • यह श्रीगंगानगर जिले की प्रमुख नदी है।
  • शिमला के समीप कालका के पास से निकलती है। यह अम्‍बाला, पटियाला और हिसार जिलों मे बहती हुई राजस्‍थान के श्रीगंगानगर जिले में टिब्‍बी के समीप उत्‍तर-पूर्व दिशा में प्रवेश करती है।
  • हनुमानगढ़ के पश्चिम में लगभग 3 किलोमीटर दूर तक बहती है।
  • हनुमानगढ़ के पास भटनेर के मरुस्‍थलीय भाग में बहती हुई विलीन हो जाती है।
  • प्राचीन सरस्‍वती के नाम से भी जाना जाता है।

 

गम्‍भीरी नदी

  • 110 किलोमीटर लम्‍बी यह नदी स्‍वाईमाधोपुर की पहाडि़यों से निकलकर करौली से बहती हुई भरतपुर से आगरा जिले में यमुना में गिर जाती है।

 

काली नदी

  • चम्‍बल की सहायक नदी है।
  • मध्‍यप्रदेश में देवास के निकट बागली गांव है।
  • झालावाड़ और कोटा जिलों में बहती है।
  • चम्‍बल नदी में मिल जाती है।

 

काकनी नदी

  • जैसलमेर से लगभग 27 किलोमीटर दूर दक्षिण में कोटरी गांव से निकलती है।
  • यह कुछ किलोमीटर प्रवाहित होने के उपरांत लुप्‍त हो जाती है।
  • इसका पानी अंत में भुज झील में गिर जाता है।

 

कान्‍तली नदी

  • सीकर जिले के खंडेला पहाडि़यों से यह नदी निकलती है।
  • तोरावाटी उच्‍च भूमि पर यह प्रवाहित होती है।

 

बाणगंगा

  • जयपुर की बैराठ की पहाडि़यों से है।
  • इसकी कुल लम्‍बाई 380 किलोमीटर है तथा यह स्‍वाईमाधोपुर, भरतपुर में बहती हुई अंत में फतेहाबार (आगरा) के समीप यमुना में मिल जाती है।

 

पार्वती नदी

  • यह चम्‍बल की एक सहायक नदी है। इसकी उद्गम स्‍थल मध्‍यप्रदेश के विंध्‍यन श्रेणी के पर्वतों से है तथा यह उत्‍तरी ढाल से बहती है। यह नदी करयाहट (कोटा) स्‍थान के समीप राजस्‍थान में प्रवेश करती है और बूंदी जिले में बहती हुई चम्‍बल में गिर जाती है।

सोम नदी

  • उदयपुर जिले के बीछा मेड़ा स्‍थान से यह नदी निकलती है।

 

 

 

साबरमती नदी

  • यह गुजरात की मुख्‍य नदी है परंतु यह 29 किलोमीटर राजस्‍थान के उदयपुर जिले में बहती है। इस नदी की कुल लम्‍बाई 317 किलोमीटर है।

 

साबी नदी

  • पटौदी के उत्‍तर में भूमिगत हो जाती है।

 

जिलानुसार राजस्‍थान की नदियॉं

  • बीकानेर व चूरू में कोई नदी नहीं है।
  • राज्‍य की प्रमुख जल प्रवाह प्रणालियॉं चम्‍बल, माही, लूनी, बनास व साबरमती हैं।
  • यहां सबसे अधिक जल आपूर्ति चम्‍बल नदी से होती है।
  • बंगाल की खाड़ी में जाकर बनास, चम्‍बल और बाणगंगा नदियां गिरती हैं।
  • लूनी, माही, सोम और साबरमती नदियां अपना जल अरब सागर की ओर ले जाती है।
  • बाणगंगा नदी बैराठ की पहाडि़यों से निकल कर फतेहाबाद के निकट यमुना नदी में मिल जाती है।
  • यहां का चूरू जिला ऐसा है जहां कोई नदी नहीं हैं।
  • राजस्‍थान का डूंगरपुर जिला तीन नदियों के संगम के कारण त्रिवेणी संगम का दर्जा पाता है।
  • बनास बेडम्‍ब और मैनाल नदियां आकर मिलती हैं।
  • सबसे बड़ी खारे पानी की झील सांभर है।
  • राज्‍य में एशिया की सबसे बड़ी दूसरी कृत्रिम झील जयसमन्‍द गोमती नदी पर है।
  • केवल जल संग्रहण ही रेगीस्‍तान की समस्‍या का समाधान नहीं है।
  • जल का समुचित दोहन, जल का उचित संरक्षण, सिंचाई संसाधनों का सामयिक व उचित प्रयोग, फसलों का जल की उपलब्‍धता के अनुरूप चुनाव, सतही जल संसाधनों का समुचित विकास।
  • खेती के तरीकों में सुधार, जल की बूंद-बूंद का उचित उपयोग।
  • भावी पीढ़ी के लिए जल की सुरक्षा ऐसे मुद्दे हैं जिन पर हमें ठिठक कर पुनर्विचार करना ही होगा।

 

नदी जोड़ो अभियान

  • महाराजा गंगासिंह ने गगंनहर का निर्माण कराया।
  • इस आधार पर रियासत के मुख्‍य अभियंता कंवरसेन न राजस्‍थान नहर परियोजना का प्रारूप बनाया।

 

उत्‍सवों का सरताज हाथी उत्‍सव

  • परन्‍तु जयपुर शहर में प्रतिवर्ष होली के पर्व पर हाथी उत्‍सव का आयोजन अपने आप में अनूठा है।

 

बनास नीर

  • एशियन डवलपमेन्‍ट बैंक द्वारा पोषित इस योजना में बीसलपुर बांध पर बने इनटेक वैल से पानी सूरजपुरा स्थित जल शोधन संयंत्र के माध्‍यम से 2400 मिलीमीटर व्‍यास की पाइप लाइनों के माध्‍यम से बालावाला स्थित जलाशय तक पहुंचा।
  • बालावाल स्‍वच्‍छ जलाशय का पानी शहर के विभिन्‍न जल वितरण केन्‍द्रों तक पहुंचाने का कार्य, जापान बैंक फॉर इन्‍टरनेशनल को-ऑपरेशन के सहयोग से पूर्ण हुआ।
  • बीसलपुर-दूदू पेयजल परियोजना स्‍वीकृत की गई।

 

अनुपम और अद्भुत वामी स्‍थापत्‍य

  • वास्‍तु शास्‍त्र ने जलाशयों (वापी, कूप, तड़ाग) के निर्माण के मूलभूत सिद्धान्‍त प्रतिपादित कर विशुद्ध और संयमित जीवन मूल्‍यों को संजोया है।
  • अध्‍ययन से यह स्‍पष्‍ट है कि वापी स्‍थापत्‍य का क्रमिक विकास साक्ष्‍यों के आधार पर ईसा पूर्व से दूसरी शताब्‍दी के आंवलेश्‍वर कुण्‍ड से बीसवीं शताब्‍दी के मध्‍य तक युग विभाजन के रूप में चित्रित किया जा सकता है।
  • वामी का आरम्‍भ चट्टानों को काटकर आकार देना रहा।

 

राजीव गांधी बायोस्फियर रिजर्व

  • दक्षिणी तथा पूर्वी अंचल मे फैले अनेक वन्‍यजीव अभ्‍यारण्‍यों को जोड़कर एक बायोस्फियर रिजर्व बनाने का ऐतिहासिक निर्णय किया है।
  • इस रिजर्व का दायरा लगभग ग्‍यारह हजार वर्ग किलोमीटर होगा जिसमें न केवल 11 अभ्‍यारण्‍यों के प्राकृतिक आवासों एवं जैव विविधता का संरक्षण किया जाएगा।
  • राज्‍य के इस पहले प्रस्‍तावित राजीव गांधी बायोस्फियर रिजर्व में धौलपुर जिले के रामसागर, वन विहार तथा केसर बाग, करौली जिले के कैलादेवी, सवाईमाधोपुर जिले के रणथम्भोर राष्‍ट्रीय उद्यान, सवाई मानसिंह, कवालजी गैम रिजर्, बूंदी जिले के रामगढ़-विषधारी, कोटा के दर्रा (मुकंदरा हिल्‍स राष्‍ट्रीय उद्यान) जवाहर सागर तथा चम्‍बल अभयारण्‍य, बारां जिले के शेरगढ़, चित्‍तौड़गढ़ जिले के  भैंसरोड़गढ़ अभयारण्‍यों को शामिल किया गया है।
  • कोर जोन 3326 वर्ग किलोमीटर, बफर जोन 5080 वर्ग किलोमीटर तथा शेष 3100 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र ट्रांजिक्‍शन जोन बनाया जाएगा।

 

राजस्‍थान पर्यटन विभाग को अवार्ड मिलने को सिलसिला जारी

  • श्रेष्‍ठ राज्‍यों की श्रेणी में द्वितीय राज्‍य के राष्‍ट्रीय पर्यटन पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया है।
  • सर्वश्रेष होटल में 5 स्टार डीलक्‍स होटल श्रेणी में जयपुर के दि ओबराय राजविलास होटल को सम्‍मानित किया गया।
  • श्रेष्‍ठ हेरीटेज होटल की श्रेणी में उदयपुर के शिवनिवास पैलेस को चुना गया।
  • पैलेस ऑन व्‍हीलस को बेस्‍ट लग्‍जरी ट्रेन का अवार्ड

 

राष्‍ट्रीय वीरता पुरस्‍कार से सम्‍मानित डूंगरसिंह राठौड़

  • जैसलमेर जिले के पोकरण उपखण्‍ड की ग्राम पंचायत जैमला के छोटे से गांव प्रतापगढ़ के सात वर्षीय बालक डूंगरसिंह राठौड़ को अपने दो भाइयों को आग से बचाने की बहादुरी पर 26 जनवरी, 2012 को नई दिल्‍ली में इण्डिया गेट पर आयोजित गणतन्‍त्र दिवस समारोह में प्रधानमंत्री, डॉ0 मनमोहन सिंह ने राष्‍ट्रीय वीरता पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया।

 

भारी मन से विदा लेती कुरजाएं

  • रामगढ़, पाकिस्‍तान, खैबर के दर्रे (अफगानिस्‍तान) आदि से गुजरती हुई अपने गन्‍तव्‍य स्‍थानों तक बिना भूले भटके पहुचती हैं।
  • सारस प्रजाति का यह पक्षी ‘डेमो‍जलक्रेन’ प्रति वर्ष रूस, उक्रेन तथा कजाकिस्‍तान की लम्‍बी दूरी पार कर वहां बर्फ जमने के साथ ही सितम्‍बर-अक्‍टूबर में पुन- इसी क्षेत्र में पड़ाव डालता है।
  • उन्‍हें किलोल करने खाने और रहने के लिए सारी सुविधाएं मिल सकें।
  • जैसलमेर में ये इलाके खासतौर पर इंदिरा गांधी नहर क्षेत्र के हैं।
  • स्‍वर्ण नगरी का गड़ीसर तालाब उनकी यात्रा का ‘मिडवे’ होता है।

 

 

 

 





17 Nov, 2019, 03:22:26 AM