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Rajasthan Sujas September 2012

Rajasthan Sujas September 2012

सुजस सितम्‍बर, 2012

 

कृषक कल्‍याण

  • देश में दलहन उत्‍पादन के क्षेत्र में प्रथम रहे हैं।
  • 2011 में जुलाई माह में देश का 1 करोड़ रूपये का राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार राज्‍य ने प्राप्‍त किया है।

 

हिमालय के मीठे पानी से थार का सपना साकार।

  • बाड़मेर लिफ्ट परियोजना के प्रथम चरण को 30 अगस्‍त, 2012 को जनता को समर्पित किया।
  • द्वितीय चरण के लिए 979.79 करोड़ रूपये के प्रस्‍ताव जे.बी.आई.सी. (जापान बैंक) को स्‍वीकृति के लिए भारत सरकार को भिजवाएं गए है।

 

मुख्‍यमंत्री बीपीएल आवास योजना का शंखनाद

  • मुख्‍यमंत्री बीपीएल आवास योजना-2012 का थार धरा से शुभारम्‍भ
  • 50 हजार रूपये आवास निर्माण तथा पांच हजार रूपये शौचालय निर्माण के लिए निर्धारित है।

 

आय एवं उत्‍पादन में वृद्धि की सोच

  • नवाचारी कृषकों का सम्‍मान किए जाने की इस अभिनव योजना के लिए देश के कृषि मंत्री शरद पंवार ने राज्‍य स्‍तरीय कृषक सम्‍मान समारोह, 2011

 

इंदिरा गांधी नहर क्षेत्र – फव्‍वारा सिंचाई पद्धति को बढ़ावा

  • पोंग, भाखड़ा व रणजीत सागर बांध और हरिके बैराज से रावी, सतलज आदि नदियों का पवित्र जल इंदिरा गांधी नहर के फीडर (240 किलोमीटर, 170 किलोमीटर पंजाब सीमा में व 34 किलोमीटर राजस्‍थान सीमा) में होता हुआ 445 किलोमीटर मुख्‍य नहर।
  • नहरी क्षेत्र में सूक्ष्‍म सिंचाई पद्धति से होने वाले फायदों से अवगत करवाया जा रहा है।
  • फव्‍वारा सिंचाई से 40 फीसदी पानी की बचत की जा सकती है।
  • डिग्‍गी, पम्‍प हाउस व खाले निर्माण, फव्‍वारा प‍द्धति से सिंचाई के लिए भूमिगत पाइप लाइन बिछाने, डिग्‍गीयों पर मोटर पम्‍प की स्‍थापना करने।
  • जल हौज निर्माण में बिकानेर सम्‍भाग अव्‍वल
  • फार्म पौण्‍ड (खेत तलाई) योजना प्रदेश के अनेक जिलों में कारगर सिद्ध हो सकती है। फार्म पौण्‍ड का निर्माण कृषकों द्वारा उनकी निजी खातेदारी भूमि पर करवा कर संरक्षित पानी को फसलो में जीवन रक्षक सिंचाई के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
  • नहर चालू होने के समय उपलब्‍ध  अतिरिक्‍त पानी की डिग्‍गी में एकत्रित कर फव्‍वारा और ड्रिप पद्धति से सिंचाई के लिए काम में लिया जा सकता है।
  • 3 लाख रूपये जो भी कम हो अनुदान देय है।

 

प्रयोगधर्मी चित्रकार – पी.एल. चोयल

  • तैलरंग के चमत्‍कारी प्रयोगों से अपनी कला के सौंदर्य में अभिवर्धन करना प्रारम्‍भ किया।

 

v  फ्रेस्‍को का चितेरा – सुमहेन्‍द्र

  • खासकर मिनीएचर और फ्रेस्‍को कला के क्षेत्र में उनके न होने की कसक यहां के कलाकरों को हमेशा रहेगी।
  • ‘एम.के. शर्मा सुमहेन्‍द्र’

 

विश्‍व प्रसिद्ध शाही ट्रेन ‘ पैलेस ऑन व्‍हील्‍स’ इस पर्यटन सत्र की पहली व्‍यवसायिक यात्रा के लिए दिल्‍ली से रवाना

  • सुपर लग्‍जरी शाही रेलगाड़ी ‘’रॉयल राजस्‍थान ऑन व्‍हीलस’’ भी शुरू की गई।
  • मध्‍यप्रदेश के खजुराहों, उत्‍तरप्रदेश के आगरा और वाराणसी आदि पर्यटन स्‍थलों का भ्रमण भी करवाएगी।

 

डी.आर.मेहला राजीव गांधी राष्‍ट्रीय सद्भावना पुरस्‍कार से सम्‍मानित

  • राजीव गांधी राष्‍ट्रीय सद्भावना पुरस्‍कार प्रदान किया गया।
  • भारत सांस्‍कृतिक परिषद् के अध्‍यक्ष डॉ0 करण सिंह ने पुरस्‍कार और पांच लाख की राशि भेंट की।
  • 1975 में जयपुर में भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति की स्‍थापना की थी।
  • ‘जयपुर-फुट’ आज विश्‍वभर मे भारत के ब्राण्‍ड के रूप में जाना जाता है।
  • ·मेहता पद्मभूषण से भी सम्‍मानित हो चुके हैं।

 

संयुक्‍त राष्‍ट्रसंघ द्वारा राज्‍स्‍थान सरकार की सराहना

  • गत 9 अगस्‍त को जारी अपनी एक रिपोर्ट ‘’लिवलीहुड अपारचुनिटी फॉर पर्सन्‍स विद डिसेबिलीटी’’ के सन्‍दर्भ में संयुक्‍त राष्‍ट्र ने कहा है कि राजस्‍थान के कौशल एवं आ‍जीविका मिशन के तहत विकलांगों के सम्‍बन्‍ध में लागू की गई नीतियों न सिर्फ मौलिक हैं बल्कि इन्‍हें पूरे देश में लागू किए जाने की जरूरत है।

 

विरेन्‍द्र पूनिया को वर्ष 2012 में मिला द्रोणाचार्य पुरस्‍कार।

 

बाबा रामदेव – सामप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक

  • रामदेवरा जिसे रूणिचा भी कहा जाता है जैसलमेर-बीकानेर मार्ग पर जैसलमेर से करीब सवा सौ किलोमीटर तथा पोकरण से तेरह किलोमीटर की दूरी पर थार रेगिस्‍तान के मध्‍य स्थित बाबा रामदेव की कर्मभू‍मि रही है।
  • प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्‍ला द्वितीया से एकादशी तक रामदेवरा में विशाल मेला भरता है।
  • मेले में पिछड़े, दलित एवं कमजोर तबके के लोगों की संख्‍या ज्‍यादा रहती है।
  • बाबा रामदेव राजस्‍थान के विभिन्‍न्‍ लोक देवताओं में प्रमुख आस्‍था से पूज जाते है।
  • तंवर वंशीय क्षत्रिय कुल से जुड़े बाबा रामदेव दिल्‍ली के सम्राट अनंगपाल तंवर के वंशज थे।
  • उनका जन्‍म भादव शुल्‍क द्वितीया संवत 1409 को बाड़मेर जिले के उण्‍डू गांव में ठाकुर अजमलजी के घर हुआ था। उनकी माता का नाम मेणादे थी।
  • भैरव राक्षस के आतंक से समाज को छुटकारा दिलाया। मक्‍का मदीना से उनकी परीक्षा लेने आए पांच पीरों को बाबा ने अपनी आध्‍यात्मिक शक्ति से प्रभावित कर हिन्‍दू-मुस्लिम समाज में समान रूप से श्रद्धा का स्‍थान प्राप्‍त किया। रोपित पांच पीपलियों में से एक पीपली लगभग छह सौ वर्ष पश्‍चात भी आज तक विद्यमान होकर साम्‍प्रदायिक सौहार्द एवं एकता का संदेश प्रदान कर रही है।
  • बीकानेर के महाराजा गंगासिंह ने सन् 1931 में बनवाया था।
  • ·’पीरों के पीर’ की पदवी से विभूषित किया था जिससे वे जन-जन मे राम सा पीर के रूप में आस्‍था के केन्‍द्र बन गए।
  • दलित महिला डाली बाई बाबा की अनन्‍य भक्त थीं।
  • उन्‍होनें 33 वर्ष की आयु में भादवा शुक्‍ला एकादशी सम्‍वत 1442 को राम सरोवर की पाल पर जीवित समाधि ले ली।
  • डाली बाई ने तो बाबा की समाधि से एक दिन पूर्व यहीं समाधि ली थी।
  • उनके द्वारा रचित चौबीस वाणियों में जिन्‍हें चौबीसा प्रमाण कहा जाता है।
  • यहां बाबा के पिता अजमलजी तथा माता मेणाद, पत्‍नी राणी नेतलदे तथा अन्‍य परिजनों की भी समाधियां हैं।

 

गढ़ गणेश

  • जयपुर के गणेश मन्दिरों में प्राचीनतम गढ़ गणेश की मन्दिर आमेर और जयपुर के बीच अरावली पर्वत माला की अंगभूत डूंगरी पर स्थित है।
  • ब्रह्मपुरी की डूंगरी पर मन्दिर बनाकर गणेश स्‍थापना की गई।




06 Dec, 2019, 11:41:22 AM