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Rajasthan Sujas January 2013

Rajasthan Sujas January 2013

सुजस जनवरी, 2013

  • 19 जनवरी को जयपुर में घाट की गूणी सुरंग लोकार्पण समारोह में प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह यूपीए अध्‍यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी।
  • सेना दिवस 2013 के अवसर पर सप्‍त शक्ति कमान के सैनिकों के रोमांचकारी सैन्‍य कौशल प्रदर्शन को देखते हुए।

 

राष्‍ट्रीय विकास परिषद् की बैठक

  • गहलोत ने ‘शीतलहर’ और ‘पाले’ को भी प्राकृतिक आपदा सुची में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्‍यक्‍त किया।
  • क्षेत्र की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्‍य होने, राज्‍य की 1040 किलोमीटर लम्‍बी सीमा पाकिस्‍तान के साथ लगे होने, गत 62 वर्षों मे से 56 वर्ष सूखे व अकाल की स्थिति का सामना करने के साथ ही राज्‍य की 12 प्रतिशत से अधिक जनसंख्‍या जनजाति समुदाय से है।
  • राज्‍य के कुल क्षेत्रफल का 60 प्रतिशत से भी अधिक क्षेत्र वृहद् भारतीय मरूस्‍थल ‘थार’ क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
  • ·12 जिले हैं जहां पर राज्‍य की 40 प्रतिशत जनसंख्‍या रहती है।
  • 2011 की जनगणना के अनुसार इस क्षेत्र में जनसंख्‍या का घनत्‍व केवल 201 व्‍यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है जो कि राष्‍ट्रीय औसत 382 से काफी कम है। जैसलमेर जिले में तो जनसंख्‍या का घनत्‍व सिर्फ 17 व्‍यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर ही है।
  • 248 ब्‍लॉक्‍स में से केवल 31 ब्‍लॉक ही सुरक्षित श्रेणी में आते हैं।
  • ·फ्लोराइड एवं आर्सेनिक प्रभावित क्षेत्रों के साथ्‍-साथ अधिक क्षारीयता एवं नाइट्रेट प्रभावित क्षेत्रों को भी उच्‍च प्राथमिकता श्रेणी में रखा जाए।
  • दो तिहाई क्षेत्रफल क्षारीयता से ग्रस्‍त हैं।
  • चार गुणा 700 मेगावाट क्षमता के नाभिकीय विद्युत उत्‍पादन केन्‍द्र स्‍थामित करने के लिए सैद्वान्तिक सहमति प्रदान करने के लिए केन्‍द्र सरकार का आभार व्‍यक्‍त करते हुए।
  • 13,990 मेगावाट क्षमता के स्‍वीकृत ‘सुपर क्रिटीकल तकनीक’ पर आधारित बिजली परियोजनाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर कोयला एवं गैस आवंटित करवाने का आग्रह भी किया।
  • ‘नैवेली लिन्‍गाइट आधारित प्रस्‍तावित योजना के क्रियान्‍वयन के लिए यथाशीघ्र मंजूरी दिलवाने का आग्रह भी किया।
  • टोंक, करौली, एवं प्रतापगढ़ हैं, जो रेल सेवा से जुड़े हुए नहीं हैं।
  • ग्‍वार, मोठ, बीज, मसाला – धनिया, जीरा व औषधीय फसलें राज्‍य की प्रमुख फसलें हैं।
  • फसलों का भी समर्थन मूल्‍य घोषित किया जाए।

 

राजस्‍थान विशेष न्‍यायालय अधिनियम, 2012

  • आय से अधिक अर्जित सम्‍पत्ति की कुर्की कर उसको राजकीय सम्‍पत्ति घोषित किया जा सकेगा।
  • जयपुर, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और बीकानेर में विशिष्‍ट न्‍यायालय कार्यरत हैं।
  • नये बिल के तहत लोक सेवक की परिभाषा को व्‍यापक बनाया गया है।
  • चपरासी से लेकर मुख्‍यमंत्री और न्‍यायिक अधिकारियों को भी शामिल किया गया है।
  • भ्रष्‍टाचार प्रकरणों का एक साल के भीतर फैसला होगा।
  • अपर सेशन या सेशन न्‍यायाधीशों की नियुक्ति होगी।

 

प्रयोगधर्मी रेखाओं के चितेरे डॉ. युगल किशोर

  • चित्रकला की इन विभिन्‍न शैलियों में नाथद्वारा शैली की अलग पहचान बनी हुई हैं। यह शैली यहां श्रीनाथजी के पदार्पण के साथ ब्रज से आई और यहां रच-बस कर चित्रबद्ध हो गई।
  • इनकी एक पुत्री यामिनी शर्मा भी अच्‍छी चित्रकार हैं।
  • इन दोनों की एक प्रदर्शनी अक्‍टूबर, 2012 में मुम्‍बई की जंहागीर आर्ट गैलरी मे लगी जो बड़ी सराही गई।

 

राजस्‍थान के पर्यटन में जुड़ेगा नमक का स्‍वाद

  • हिन्‍दुस्‍तान साल्‍ट्स लिमिटेड एवं भारतीय पर्यटन विकास निगम (आई.टी.डी.सी.) द्वारा हाल ही में इस पर्यटक स्‍थल के रूप में विकसित करने का एक समझौता किया गया हैं।
  • भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की झील एवं विश्‍व नम भूमि के नाम से सुविख्‍यात सांभर लेक
  • पौराणिक महत्‍व के देवयानी तीर्थ, संत दादू दयाल जैसे संत की तपोस्‍थली होने के साथ ही अजमेर वाले ख्‍वाजा गरीब नवाज के पोते की दरगाह के लिए भी जाना जाता है।
  • सांभर लेक को संयुक्‍त रूप से पुरातत्‍व की दृष्टि (हेरिटेज एवं थीम बेस्‍ड पर्यटन) से पर्यटन केन्‍द्र के रूप में तैयार किया जाएगा।
  • झील के दक्षिणी किनारे पर वर्ष 1930 में किए उत्‍खन्‍न से ईसा पूर्व के 300-500 वर्षों से पहले नालियासर  में प्राप्‍त साक्ष्‍य इसकी कड़ी हड़प्‍पा संस्‍कृति से जुड़े होने के संकेत देते हैं।
  • प्रति वर्ष शीतकाल में नवम्‍बर से फरवरी के मध्‍य साइबेरिया एवं अन्‍य दूरस्‍थ से लेमिन्‍गोस (कलहंस) यहां हजारों की संख्‍या में आते हैं।
  • यहां का प्रसिद्ध देवयानी (जिसे देवयानी, सब तीर्थों की नानी भी कहा जाता है)
  • नमक के भंडार से लेकर फीणी की मिठास तक

 

बिहारी मंदिर का अद्भूत स्‍थापत्‍य

  • आमेर मीणों के उत्‍कर्ष एवं पराभव का केन्‍द्र स्‍थल तथा कछवाहा शासकों की प्राचीन राजधानी होने के साथ ही ऐति‍हासिक और पुरातात्विक महत्‍त्‍व का प्राचीन नगर है।

 

बिहारी मंदिर पन्‍नामीणा कुण्‍ड के पास स्थित है।

  • राजकवि बिहारी शाहजंहा के शासन काल में आगरा से आम्‍बेर आए और आम्‍बेर नरेश मिर्जा राजा जयसिंह (प्रथम) ने उन्‍हें अपना दरबारी कवि बनाया।

 

 

ग्रामीण परिवहन सेवा की सौगात

  • वीरेन्‍द्र बेनीवाल ने उदयपुर रोडवेज बस स्‍टेण्‍ड से राज्‍य की ग्रामीण जनता को राजस्‍थान ग्रामीण परिवहन सेवा की सौगात दी।
  • पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर कार्य करते हुए सेवा का संचालन किया जाएगा।
  • उदयपुर से आरम्‍भ ग्रामीण परिवहन सेवा के आरम्भिक चरण में उदयपुर, अलवर, दौसा व करौली जिलों को जोड़ा गया है।

 

योजनाबद्ध विकास विविध प्रयास

  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 31.61 प्रतिशत लोग शहरों में निवास करते हैं जबकि राजस्‍थान में शहरी आबादी 24.89 प्रतिशत है।
  • वर्ष 2001 से 2011 की अवधि में शहरी आबादी में सर्वाधिक 50.2 प्रतिशत वृद्धि बारां में हुई हैं।
  • कोटा में 44.2 प्रतिशत
  • सबसे कम वृद्धि दर 12.2 प्रतिशत श्रीगंगानगर की रही है।
  • एशियन डवलपमेंट बैंक के सहयोग से राजस्‍थान अरबन इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर डवलपमेंट प्रोजेक्‍ट के अन्‍तर्गत प्रारम्‍भ में राज्‍य के 6 प्रमुख शहर जयपुर, जोधपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और बीकानेर थेा
  • ·इस योजना के द्वितीय चरण में 15 अन्‍य शहर भी सम्मिलित कर लिए गए हैं।

 

युवा एवं खेल महोत्‍सव 2013

  • स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती के मौके पर राज्‍य सरकार के युवा मामले एवं खेल विभाग की ओर से 12 जनवरी को आयोजित युवा एवं खेल महोत्‍सव-2013 का महोत्‍सव में प्रदेश भर के सभी जिलों से करीब 35 हजार युवा स्टेडियम में एकत्रित हुए।

 

आध्‍यात्मिक और प्रतीकात्‍मक पड़ चित्रण

  • राजस्‍थान की एक लोकरंजक चित्र शैली है – पड़।
  • यह चित्र शैली भीलवाड़ा के जोशी परिवार पीढि़यों से सहेज कर रखे हुए हैं। पाबूजी, देवनारायणजी, रामदेवजी और माताजी की पड़ें बनाता हैं।

 

रणथम्‍भौर के गणपति बप्‍पा

  • विंध्‍याचल तथा अरावली की पर्वत श्रृंखलाओं में घूमते-घूमते राम ने ‘सीतामाता की खोज’।
  • ’सीतामाताकी खोज’ बहुत ही रमणीक, प्राकृतिक तथा दर्शनीय स्‍थल है। जब भी विश्‍वप्रसिद्ध रणथम्‍भौर गणेश मंदिर को दर्शनार्थ जांए, सीतामाता की खोज अवश्‍य जाए।




14 Nov, 2019, 19:20:25 PM