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Arms Deal With Ameriaca 2019

Arms Deal With Ameriaca 2019

अमेरिका ने भारत को सशस्त्र ड्रोन बेचने को मंजूरी दी

अमेरिकी सरकार ने अमेरिका के अत्याधुनिक सशस्त्र ड्रोन (Armed Drones) भारत को बेचने की स्वीकृति दे दी है।

इस स्वीकृति के पश्चात भारत ने जून, 2019 में ऐसे 30सी गार्जियन(Sea Guardian) अर्थात प्रिडेटर-बी सशस्त्र ड्रोन खरीदना सुनिश्चित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जून, 2017 में अमेरिका यात्रा के दौरान अमेरिका ने भारत को बिना हथियारों वाले 22 एम क्यू-9 गार्जियन ड्रोन बेचने को स्वीकृति दी थी किंतु भारत हथियारों से लैस प्रेडेटर बी (Predator-B ) ड्रोन खरीदने का इच्छुक था जिस पर अमेरिका ने लगभग एक वर्ष बाद सहमति व्यक्त की थी।

भारत विश्व का तीसरा तथा पहला गैर-नाटो देश है जिसे अमेरिका द्वारा इस प्रकार का सशस्त्र ड्रोन बेचा जाएगा।

सशस्त्र ड्रोन बेचने की स्वीकृति के साथ अमेरिका ने भारत को मिसाइल रक्षा प्रणाली एनएएसएएमएस-द्वितीय (National Advanced Surface to Air Missile System - II) बेचने का भी प्रस्ताव रखा है।

बीडीएल ने नौसेना को वरूणास्त्र टॉरपीडो आपूर्ति करने हेतु समझौता किया।

शक्तिशाली टॉरपीडो वरूणास्त्र कि भारतीय नौसेना को आपूर्ति किए जाने के लिए भारत डायनामिक्स लिमिटेड बीडीएल ने भारतीय नौसेना के साथ जून 2019 में एक कांटेक्ट पर हस्ताक्षर किए।

रुपए 1187.82 करोड़ के इस ठेके के तहत बीडीएल भारतीय नौसेना को यह टॉरपीडो 42 माह में उपलब्ध कराएगी।

बीडीएल द्वारा वरुण राष्ट्र का निर्माण डीआरडीओ के सहयोग से विशाखापट्टनम की एक इकाई में किया जाएगा।

वरुणास्त्र के बारे में

'वरुणास्त्र' एक पनडुब्बी रोधी टॉरपीडो है जिसका विकास 'रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन' (DRDO) की नौसेना विज्ञान और तकनीकी प्रयोगशाला द्वारा किया गया।

7-8 मीटर लंबे तथा 1500 किलोग्राम भार वाले एंटी सबमरीन इलेक्ट्रिक टोरपीडो 'वरूणास्त्र' को जहाज तथा पनडुब्बी से लांच किया जा सकता है।





19 Aug, 2019, 14:07:28 PM