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7th Economic Census - Ministry Of Statistics And Programme सातवीं आर्थिक गणना

7th Economic Census - Ministry Of Statistics And Programme सातवीं आर्थिक गणना

सातवीं आर्थिक गणना के लिए राज्य स्तरीय समन्वय समिति का गठन

  • समिति- सातवीं आर्थिक गणना 2019 के लिए राज्य स्तरीय समन्वय समिति
  • अध्यक्ष-राज्य के मुख्य सचिव
  • सदस्य-सचिव आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के निदेशक

राज्य सरकार ने सातवें आर्थिक गणना 2019 के लिए राज्य-स्तरीय समन्वय समिति का गठन जून, 2019 में किया। यह समिति गणना को सुव्यवस्थित एवं निर्धारित समय में संपादित करने का कार्य करेगी।
इस गणना में आर्थिक गतिविधियों मे लगे उद्योग इकाइयों की गणना के साथ-साथ उद्यम की स्थिति, प्रकृति एवं रोजगार आदि से संबंधित सूचना संकलित की जाएगी।
राज्य की यह आर्थिक गणना आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय(Directorate of Economics and Statistics) द्वारा की जाएगी।

जिला स्तरीय समन्वय समिति

उक्त आर्थिक गणना के लिए जिला स्तरीय समन्वय समिति जिला स्तर पर का भी गठन किया गया है।

यह समिति राज्य स्तरीय समन्वय समिति को प्रभावी रूप से कार्य संचालन के लिए सहयोग तथा फीडबैक उपलब्ध कराएगी।

इस समिति के द्वारा आर्थिक गणना के लिए वार्ड अथवा गांवों के प्रशासनिक मानचित्र उपलब्ध कराना तथा जिला स्तर पर प्राप्त आर्थिक गणना के प्रोविजनल परिणाम को अनुमोदन करने का कार्य भी किया जाएगा।

जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष-जिला कलेक्टर

सदस्य सचिव-आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के उप अथवा सहायक निदेशक

उल्लेखनीय है कि इन दोनों समितियों का प्रशासनिक विभाग आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग होगा यह समितियां अस्थाई प्रकृति की हैं जो की सातवीं आर्थिक गणना की समाप्ति तक कार्यरत रहेंगी।

राजस्थान में सड़कों और राजमार्गों को विकसित करने हेतु विश्व बैंक के साथ 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण समझौता हस्ताक्षर

भारत सरकार राजस्थान सरकार और विश्व बैंक ने 27 जून, 2019 को राजस्थान राजमार्ग विकास कार्यक्रम द्वितीय परियोजना के लिए 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर (1750 करोड रुपए) के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इसका उद्देश्य राजस्थान के राजमार्गों के बेहतर प्रबंधन के लिए राज्य की क्षमता को बढ़ाना और राजस्थान के चुनिंदा राजमार्गों पर यातायात के प्रवाह को बेहतर बनाना है।

राजस्थान राज्य राजमार्ग विकास कार्यक्रम द्वितीय के अंतर्गत प्रदेश के 767 किलोमीटर लंबाई के 11 राज्य मार्गों के विकास के लिए यह अनुबंध किया गया है।

इस अनुबंध का राजस्थान के कुल 13 जिलों को लाभ मिलेगा और प्रदेश के एक बड़े हिस्से मे सड़क यातायात सुगम होगा।

अनुबंध के तहत होने वाले सड़क विकास कार्यों से श्री गंगानगर बीकानेर झुंझुनू चूरू सीकर अजमेर टोंक जालौर जोधपुर नागौर पाली जयपुर और भीलवाड़ा जिले लाभान्वित होंगे।

अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक आईबीआरडी से प्राप्त होने वाले 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण की परिपक्वता अवधि 25 वर्ष है जिसमें 5 वर्ष की मोहलत अवधि भी शामिल है।





16 Oct, 2019, 05:42:16 AM